नामंजूर किया होगा
ये फैसला उसके दिल ने भी नामंजूर किया होगा
जब उसने मुझको अपनेआप से दूर किया होगा
फूलों से सजी उसकी उदास डोली ये बताती है
की मोहब्बत ने रिश्तो से जंग भरपूर किया होगा
उसे आता था अपना रिश्तो का लिहाज़ करना
रिश्तो पे उसने ख्वाबो को चकनाचूर किया होगा
उसकी दुश्मनी का अंदाज देख कर ये लगता है
कभी उसने मोहब्बत भी भरपूर किया होगा
अपनेपन से भी अब अक्सर डरने लगी है वो
किस कदर अपनो ने उसको मजबूर किया होगी
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