तेवर बदलने से रहा

जो  मौजूद है, वो तेवर तो बदलने से रहा
जैसी दुनिया चाहे मैं वैसा तो करने से रहा

जितनी मर्जी हो, राह में अंगारे बिछा देना
मजबूत हौसला मेरा इनसे तो जलने से रहा

जिसने मदारी बन कर पूरा खेल रचाया है
वो ये दो चार गुलाटियों से तो डरने से रहा

सुन तेरी जीत की उम्र जरा लंबी कर लेना
बिना शिकस्त दिए तो मैं भी मरने से रहा

जो रास्ता मुश्किल आये तो पालने में बैठ जा
अब मेरी तरह तू कांटो पर तो चलने से रहा

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