जो तू चले जमीन पर
जो तू चले जमीं पे तो कदमो में चाँद तारे बिछा दूंगा
कांटे अपने दामन में भर, राहें फूलो से सजा दूंगा
अपने हिस्से की सारी खुशियां तेरी किस्मत को देदी
तुम्हारी आँखों का हर आंशू मैं पलको से उठा लूंगा
जो तुम देखो कभी कोई खाब अपनी बंद आंखों से
तेरी आंखे खुलने से पहले उन्हें हकीकत बना दूंगा
फलक की परी, चाँद की चांदनी सी तू नाजनीन है
खुद को फना करके भी मैं तेरे सारे नाज उठा लूंगा
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