सभी के भी दिलों में रहा करो

जो कोई न सुने, मेरा हर्फ ए दिल तुम तो सुना करो
कागजों पर लिखी मेरी इल्तेजा कबूल हो, दुआ करो

कई ग़ज़लें लिख डाली है मैने तुम्हारी इन नज़रों पर
कभी मौका निकाल कर चुपके से उन्हें भी पढ़ा करो

जब इतनों को दिल दिये बैठे ही हो आप इलाही
तो थोड़ा थोड़ा उन सभी के भी दिलों में रहा करो

जुगनू बन के आऊंगा, छत पर आते जाते रहा करो
मालिक इतनी इनायत इस काफिर पर किया करो

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